Religious Mantra, Festivals, Vrat katha, Poojan Vidhi

विविध धर्मों-त्यौहारों के रीति-रिवाज, पूजा पद्धति, धार्मिक मंत्रों का समग्र संकलन

191 Posts

244 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 4721 postid : 425

सुंदरकांड की यह करिश्माई चौपाई हर मुसीबत से बचा सकती है

Posted On: 18 Jun, 2013 social issues में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

दैनिक जीवन में हर इंसान कई छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना करता है। इनमें से कुछ तो पलक झपकते सुलझ जाती है। किंतु कुछ परेशानियां लंबे समय तक इतना उलझा देती हैं कि मानसिक अशांति के कारण इंसान को चैन से जी नहीं पाता। इनमें पारिवारिक, आर्थिक, शारीरिक, सामाजिक व्यवहार व कार्यक्षेत्र से जुड़ी बातें शामिल होती है।


अगर आप भी किसी समस्या में बुरी तरह से उलझे हैं और चाहते हैं कि जीवन शांत और सुकूनभरा हो तो जीवन को साधने वाले हिन्दू धर्मग्रंथ रामायण के सुंदरकांड में हनुमानजी का स्मरण कराने वाली विशेष चौपाइयां बहुत ही राहत देने वाली मानी जाती है। जानिए सुंदरकांड की एक ऐसी ही चौपाई, जो किसी भी परेशानी के वक्त मन ही मन बोलें तो चमत्कारी तरीके से मुश्किलों से छुटकारा मिलता है -


सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र और मानसिक भावों के साथ श्रीहनुमान को लाल चंदन, सिंदूर, सुगंधित फूल चढ़ाएं। सुंगधित धूप बत्ती लगाकर लाल आसन पर दक्षिण दिशा में मुंह रख यथासंभव मूंगे की माला से नीचे लिखी चौपाई का जप या स्मरण कम से कम 108 बार करें -


हनुमान अंगद रन गाजे।
हांक सुनत रजनीचर भाजे।


इस चौपाई के अर्थों में छुपा संदेश है कि राम-रावण युद्ध में हनुमान और अंगद रूपी सद्गुणी शक्तियों के भय और आक्रमण से रजनीचर यानी राक्षस रूपी बुरी शक्तियां मैदान छोड़कर भाग गई। व्यावहारिक जीवन में भी दु:खों का नाश करने वाले रुद्र के अंश महावीर हनुमान के स्मरण से राक्षस रूपी भय, परेशानी और चिंता और बुरी भावों का अंत होता है।इसके बाद श्रीहनुमान को यथाशक्ति मिठाई का भोग लगाकर आरती और मंगल कामना करें।




Tags:                       

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 3.50 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshbajpai के द्वारा
March 20, 2014

सम्मानित महोदय यह चौपाई सुन्दरकाण्ड कि नहीं लंका कांड की है | जन उपयोगी उपाय है कृपया इसे सही कर दे |आप चाहे तो रामायण में इसे देख कर ही ठीक करे |धन्यवाद | इन उपयोगी उपयो क्र लिए आप बधाई के पात्र है |

Bharat Sharma के द्वारा
March 20, 2014

जिस आलसी कलम घिस्सू ने यह मूर्खता पूर्ण वाहियात लेख लिखा है, उसने कभी सुन्दरकाण्ड का पाठ किया है ? सुन्दरकाण्ड में यह चौपाई आती ही नहीं है


topic of the week



latest from jagran