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चाणक्य नीति: Chanakya Niti In Hindi

Posted On: 9 Jan, 2013 Others में

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Chanakya Niti In Hindi: चाणक्य नीति

चाणक्य को राजनीतिशास्त्र का परम ज्ञाता माना जाता है. इन्होंने राजनीति के कई खण्डों को प्रभावी ढंग से प्रभावित किया है. मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात हुए। आज  भी चाणक्य द्वारा बताई गई नीतियां प्रांसगिक हैं. तो चलिए जानते हैं आखिर ऐसा खास क्या है चाणक्य नीति में:


Chanakya Quotes in Hindi: चाणक्य नीति

पैसों के संबंध में आचार्य चाणक्य ने एक महत्वपूर्ण बात बताई है कि-

उपार्जितानां वित्तानां त्याग एव हि रक्षणाम्।

तडागोदरसंस्थानां परीस्रव इवाम्भसाम्।।

इस संस्कृत श्लोक का अर्थ है कि हमारे द्वारा कमाए गए धन का उपभोग करना या व्यय करना ही धन की रक्षा के समान है। इसी प्रकार किसी तालाब या बर्तन में भरा हुआ उपयोग न किया जाए तो सड़ जाता है।


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Chanakya Niti in Hindi: चाणक्य नीति

सिंहादेकं वकादेकं शिक्षेच्चत्वारि कुक्कुटात्
वायसात्पञ्च शेक्षेच्च षट् शुनस्वीणि गर्दभात्।।

अर्थात: मनुष्य को शेर से एक, बगुले से एक तथा मुर्गे से चार, कौऐ से पांच, कुत्ते से छह और गधे से तीन गुण ग्रहण करना चाहिए।’


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Chanakya Niti : चाणक्य नीति

‘‘प्रत्युत्थानं च युद्धं च संविभागं च बंधुषु
स्वयमाक्रम्य भुक्तं च शिक्षेच्चत्वारि कुक्कुटात्।।

अर्थात: ठीक समय पर जागना, सदैव युद्ध के लिये तैयार रहना, बंधुओं को अपना हिस्सा देना और आक्रामक होकर भोजन करना मुर्गे से सीखना चाहिए।


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Complete Chanakya Niti in Hindi

चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति का पुत्र उसके नियंत्रण में रहता है, जिसकी पत्नी आज्ञा के अनुसार आचरण करती है और जो व्यक्ति अपने कमाए धन से पूरी तरह संतुष्ट रहता है। ऐसे मनुष्य के लिए यह संसार ही स्वर्ग के समान है।


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एक बुरे मित्र पर तो कभी  विश्वास ना करे. एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करे. यदि ऐसे लोग आप पर गुससा होते है तो आप के सभी राज वो खोल देगे.


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चाणक्य अर्थशास्त्र नीति / Chanakya Niti Arthashastra

चाणक्य कहते हैं कि मित्रता, बराबरी वाले व्यक्तियों में ही करना ठीक रहता है। सरकारी नौकरी सर्वोत्तम होती है और अच्छे व्यापार के लिए व्यवहारकुशल होना आवश्यक है। इसी तरह सुंदर व सुशील स्त्री घर में ही शोभा देती है।


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चाणक्य अर्थशास्त्र नीति / Chanakya Niti Arthashastra

अगर कोई सांप जहरीला नहीं है, तब भी उसे फुफकारना नहीं छोड़ना चाहिए। उसी तरह से कमजोर व्यक्ति को भी हर वक्त अपनी कमजोरी का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए।


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Lady Quotes in Hindi

अनृतं साहसं माया मूर्खत्वमतिलोभिता।

अशौचत्वं निर्दयत्वं स्त्रीणां दोषा: स्वभावजा:।।

इस संस्कृत श्लोक में आचार्य चाणक्य ने लिखा है कि सामान्यत: अधिकांश स्त्रियां झूठ बोलती हैं, एकदम से कोई कार्य कर देती हैं, नखरे दिखाती हैं, नादान स्वभाव होता है, ज्यादा लालच करती हैं। ये कुछ लक्षण है जो सभी स्त्रियों में नहीं लेकिन अधिकांश स्त्रियों पाए जाते हैं।


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anuj agarwal के द्वारा
March 11, 2013

Chanakya Niti in Hindi: चाणक्य नीति सिंहादेकं वकादेकं शिक्षेच्चत्वारि कुक्कुटात् वायसात्पञ्च शेक्षेच्च षट् शुनस्वीणि गर्दभात्।। अर्थात: मनुष्य को शेर से एक, बगुले से एक तथा मुर्गे से चार, कौऐ से पांच, कुत्ते से छह और गधे से तीन गुण ग्रहण करना चाहिए।’ महोदय ,इसकी विस्तृत जानकारी कहाँ मिलेगी की किस जानवर से कौन सा गुण ग्रहण करना चाहिए


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