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बजरंग बली की व्रत कथा और व्रत विधि : Shri Hanuman vrat katha

Posted On: 26 Jul, 2011 Others में

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भारत में हनुमान जी को अजेय माना जाता है. हनुमान जी अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं. कलयुग में हनुमान जी ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तो पर शीघ्र कृपा करके उनके कष्टों का निवारण करते हैं. मंगलवार भगवान हनुमान का दिन है. इस दिन व्रत रखने का अपना ही एक अलग महत्व है.


मंगलवार व्रत की विधि


सर्व सुख, रक्त विकार, राज्य सम्मान तथा पुत्र की प्राप्ति के लिये मंगलवार का व्रत उत्तम है. इस व्रत में गेहूँ और गुड़ का ही भोजन करना चाहिये. भोजन दिन रात में एक बार ही ग्रहण करना ठीक है. व्रत 21 सप्ताह तक करें. मंगलवार के व्रत से मनुष्य के समस्त दोष नष्ट हो जाते है. व्रत के पूजन के समय लाल पुष्पों को चढ़ावें और लाल वस्त्र धारण करें. अन्त में हनुमान जी की पूजा करनी चाहिये. तथा मंगलवार की कथा सुननी चाहिये. मान्यता है कि स्त्री व कन्याओं के लिए यह व्रत विशेष लाभप्रद होता है. उनके लिए पति के अखंड सुख व संपत्ति की प्राप्ति होती है.



Hanumanमंगलवार व्रत की कथा : Tuesday Fast Story (
Shri Hanuman vrat katha)


एक ब्राम्हण दम्पत्ति के कोई सन्तान न हुई थी, जिसके कारण पति-पत्नी दुःखी थे. वह ब्राहमण हनुमान जी की पूजा हेतु वन में चला गया. वह पूजा के साथ महावीर जी से एक पुत्र की कामना प्रकट किया करता था. घर पर उसकी पत्नी मंगलवार व्रत पुत्र की प्राप्ति के लिये किया करती थी. मंगल के दिन व्रत के अंत में भोजन बनाकर हनुमान जी को भोग लगाने के बाद स्वयं भोजन ग्रहण करती थी. एक बार कोई व्रत आ गया. जिसके कारण ब्राम्हणी भोजन न बना सकी. तब हनुमान जी का भोग भी नहीं लगाया. वह अपने मन में ऐसा प्रण करके सो गई कि अब अगले मंगलवार को हनुमान जी को भोग लगाकर अन्न ग्रहण करुंगी.



Hanuman Lord Ramवह भूखी प्यासी छः दिन पड़ी रही. मंगलवार के दिन तो उसे मूर्छा आ गई तब हनुमान जी उसकी लगन और निष्ठा को देखकर अति प्रसन्न हो गये. उन्होंने उसे दर्शन दिए और कहा – मैं तुमसे अति प्रसन्न हूँ. मैं तुझको एक सुन्दर बालक देता हूँ जो तेरी बहुत सेवा किया करेगा. हनुमान जी मंगलवार को बाल रुप में उसको दर्शन देकर अन्तर्धान हो गए. सुन्दर बालक पाकर ब्राम्हणी अति प्रसन्न हुई . ब्राम्हणी ने बालक का नाम मंगल रखा .



Hanuman Jayantiकुछ समय पश्चात् ब्राहमण वन से लौटकर आया. प्रसन्नचित्त सुन्दर बालक घर में क्रीड़ा करते देखकर वह ब्राहमण पत्नी से बोला – यह बालक कौन है. पत्नी ने कहा – मंगलवार के व्रत से प्रसन्न हो हनुमान जी ने दर्शन दे मुझे बालक दिया है. पत्नी की बात छल से भरी जान उसने सोचा यह कुलटा व्याभिचारिणी अपनी कलुषता छुपाने के लिये बात बना रही है. एक दिन उसका पति कुएँ पर पानी भरने चला तो पत्नी ने कहा कि मंगल को भी साथ ले जाओ. वह मंगल को साथ ले चला और उसको कुएँ में डालकर वापिस पानी भरकर घर आया तो पत्नी ने पूछा कि मंगल कहाँ है.



तभी मंगल मुस्कुराता हुआ घर आ गया. उसको देख ब्राहमण आश्चर्य चकित हुआ, रात्रि में उसके पति से हनुमान जी ने स्वप्न में कहे – यह बालक मैंने दिया है. तुम पत्नी को कुलटा क्यों कहते हो. पति यह जानकर हर्षित हुआ. फिर पति-पत्नी मंगल का व्रत रख अपनी जीवन आनन्दपूर्वक व्यतीत करने लगे. जो मनुष्य मंगलवार व्रत कथा को पढ़ता या सुनता है और नियम से व्रत रखता है उसे हनुमान जी की कृपा से सब कष्ट दूर होकर सर्व सुख प्राप्त होता है .


मंगलवार के व्रत की आरती – Hanuman Chalisa



आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ।।

जाके बल से गिरिवर कांपै । रोग-दोष जाके निकट न झांपै ।।

अंजनि पुत्र महा बलदाई । संतन के प्रभु सदा सहाई ।।

दे बीरा रघुनाथ पठाए । लंका जारि सिया सुधि लाये ।।

लंका सो कोट समुद्र सी खाई । जात पवनसुत बार न लाई ।।


लंका जारि असुर सब मारे । सियाराम जी के काज संवारे ।।

लक्ष्मण मूर्च्छित पड़े सकारे । लाय संजीवन प्राण उबारे ।।

पैठि पताल तोरि जमकारे । अहिरावण की भुजा उखारे ।।

बाईं भुजा असुर संहारे । दाईं भुजा संत जन तारे ।।

सुर नर मुनि आरती उतारें । जय जय जय हनुमान उचारें ।।


कंचन थार कपूर लौ छाई । आरति करत अंजना माई ।।

जो हनुमान जी की आरती गावे । बसि बैकुण्ठ परमपद पावे ।।

लंक विध्वंस किए रघुराई । तुलसिदास प्रभु कीरति गाई ।।




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34 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

lavkush के द्वारा
December 5, 2016

 २१ मंगल वॉर व्रत रह चूका हूँ कुछ पेरशानी झेलता रहा लेकिन उसका फायदा बहुत ज्यादा हुआ जो सोच नहीं सकता था फिर जारहा हूँ व्रत उठाने .

LALIT SAN के द्वारा
June 4, 2015

Jai shree Ram ye khani mujhe bahut acchi lagi bhagwan sab pr apni kripya banaye rakhe Hanuman ji sab ki bigdi banate friends me to bhagwan me sabse jayda Bhiswas rekhta hu kiyu me Tuseday and Saturday two days fasting Rakhta hu my god of lord Bhawan apne sbhi bhakto pr Asim Anukmpna Rakhte he Kiyu ki Bhawan apne bhakto ko kisi na kisi roop me darsn dete Bhagwan hanuman ji ke roop me mujhe mere acche guru mile i liku u god and i like guru ji

hemant bhardwa के द्वारा
April 4, 2015

guru ma 4sal sa hanuman ge ka har tuesday ko vart karta hu muja maree kamna puree nee hue.ma abb udyapan karna chata hu .kaisa karu plese bhatia.

sumant के द्वारा
February 18, 2015

guru ji, mai sumant feb.2014 se mangalwar ka brat suru kiya tha ab mai udyapan karna chahta hu. kaise karu kripya bataye. thanyvad.

Naresh Kumar के द्वारा
February 15, 2015

Plz send the favorite flower of Shri Hanuman ji

SUDHIR के द्वारा
January 20, 2015

Very good Jay Hanuman

teena के द्वारा
January 20, 2015

जय हनुमान की

yadav parasnath के द्वारा
October 22, 2014

joy shriram

yadav parasnath के द्वारा
October 22, 2014

joy shriram sat koti-2 pranaam

    babloo के द्वारा
    May 26, 2015

    jis din vo samaye apke man mei us din tum duniya ke sab sukhg tyag doge ….yahi hakeeekat shee rambhakt hanumaaan ji ki…….

jai bajrang bali के द्वारा
September 25, 2014

हनुमान जी महाराज 

krishna के द्वारा
July 6, 2014

adbhut

    yadav parasnath के द्वारा
    October 22, 2014

    joyho

sandeep kumar के द्वारा
May 27, 2014

mai mangalvar ko vrat rhta hu lekin vithi achhe se nahi janata please bataye.

Banshi Patel के द्वारा
May 13, 2014

Hanumanji is grate

sudhir के द्वारा
April 29, 2014

माने ७ मंगलवार वर्त रखे है अब मैं उद्यापन करके पूर्ण करना चाहता हु पर उद्यापन कैसे करते है मुजे नहीं पता प्ल्ज़ मुजे बताए किया करना चाइए

    Monu Singh के द्वारा
    December 21, 2014

    Mai hanuman g ke mangalwar ka udapan karna chahta hu plz tell me.

    sanjeev kumar के द्वारा
    May 5, 2015

    muje hanuman ji ke fast ke baad khana kya khana kya khana chahiye

anurudh kumar Singh के द्वारा
April 15, 2014

Jai Bajrang Bali ji ki sadaa sahaye prabhoo

os.dhaka के द्वारा
December 24, 2013

फजय हनुमान जय हनुमान

Anupam के द्वारा
September 16, 2013

यदि आप परमात्मा के सच्चे भक्त होते तो ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करते. भगवन आपको सद्बुधी दे.

pargat singh के द्वारा
August 12, 2013

jai hanumaan ji mai devi devto ko pehle nahi manta tha lakin ab mai es ko kar ke dekhuga agar muje kush acha fal mila to mai hanumaan ji ka hamesha ke lie bhakat ban jauga

GANESH SHAH के द्वारा
May 7, 2013

मै भी बजरंग बली का भक्त हु, आपके द्वारा दी गई जानकारी उपयोगी है आगे भी इस तरह की जानकारी देते रहिए.

ANKUR DEVPUTRA के द्वारा
December 14, 2012

तुम सब एक दम बेवकूफ हो,.क्या आप मुझे बता सकते हो,.की हमारे कौन से वेद में या हमारी किसी भी धार्मिक पुस्तक में,.किसी भी एक देवी देवता की पूजा लिखी है,..हमारे सारे वेदों में सिर्फ एक निराकार परमेश्वर की पूजा और आराधना लिखी हुई है,..आप में शायद से शायद कुछ ही लोग इश बात को जानते होंगे की हमारी आसमानी किताब वेद है,.जिसे स्वयम ब्रह्मा जी ने लिखा है,..इसमें किसी देवी देवता की नहीं,.सिफ एक निराकार परमेश्वर की पूजा और आराधना लिखी हुई है,…खुद ब्रह्मा,विष्णु,.महेश उष एक निराकर परमेश्वर की आराधना करते है,..एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा,.ये उष परमेश्वर का सच्चा मंत्र है,.क्युकी वही एक परमेश्वर सच्चा है और उसी एक परमेश्वर का नाम सच्चा है….

    GANESH SHAH के द्वारा
    May 7, 2013

    Real but hum nirakar pameshwar ki puja kishi n kishi ko aradhya mankar karate hai.

    sagar के द्वारा
    April 5, 2014

    ankur ji koi bevkuf nahi he sabhi logo ki manyta alag alag hoti he koi fattar ko manta he to koi atma ko manta he man me agar viswas he to vo nirakar parmeshvar aapko sab se mil jayega agar aap viswas nahi karte to aapko jivan bhar bhatakte rahenge or kuch nahi milega us nirakar parmeshvar ne sari duniya ke logo ke liye ek hi marg nahi alag alag marg banaye he. or ve sab marg ek hi jagha jate he us nirakar parmeshwar ke paas.

    Amit के द्वारा
    April 22, 2014

    Ankur ji subsaye phle bat tho kisi kai vishwas ka majak nhi udate. Dusri bat ap jis nirakar permeshwar ki bat kar rahe hai vo bilkul sahe hai per hanuman ji iswar nahi khud ek bhakt hai. Or subse important bat Mr. Ankur agar itna hi gyan rakhte hai ap nirakar ishwar kai bare mai tho kabhi apne apne mata pita ki seva ki hai. Agar nahi kit ho apko isthare bhashan dena aacha nahi lagta. Kuch bura laga ho tho chama kijeyaga per suchai bhut kadwi hote hai bolne say phale khud amal kare phr bole.

    roopkishor के द्वारा
    October 13, 2014

    क्यों किसी की आस्था को नुक्सान पहुंचa रहे हो आज नही तो कल सच खुद तुम्हे पता लग जायेगा

inderjeetsingh randhawa के द्वारा
March 3, 2012

I m the best worshiper of hanumanji plz gve me any idea of hnumanji

shaktisingh के द्वारा
July 26, 2011

मै भी बजरंग बली का भक्त हु, आपके द्वारा दी गई जानकारी उपयोगी है आगे भी इस तरह की जानकारी देते रहिए.

    Shail के द्वारा
    October 31, 2011

    Thanks for sharing this …

    Ambika Prasad के द्वारा
    September 13, 2014

    मै भी बजरंग बली का भक्त हु, आपके द्वारा दी गई जानकारी उपयोगी है आगे भी इस तरह की जानकारी देते रहिए.

    ketan के द्वारा
    March 27, 2015

    जय हनुमान


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