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संतोषी माता की आरती – Santoshi Mata ki Aarti

Posted On: 7 Apr, 2011 Others में

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आप सभी पाठकों को नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएं. माता भगवती के नौ रुपों की पूजा करने के साथ इस नवरात्र का समापन होता है. नवरात्र का समय देवी माता को अपनी भक्ति और निष्ठा से खुश करने के लिए सर्वोत्तम होता है.


Santosimataसुख, संपत्ति और शांति को देने वाली एक और माता का नाम है संतोषी माता. संतोष हमारे जीवन में बहुत जरुरी है.

संतोष ना हो तो इंसान मानसिक और शारीरिक तौर पर बेहद कमजोर हो जाता है.

संतोषी मां हमें संतोष दिला हमारे जीवन में खुशियों का प्रवाह करती हैं.


संतोषी माता की आरती


जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता ।

अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता ।

मैया जय सन्तोषी माता ।


सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हो

मैया माँ धारण कींहो

हीरा पन्ना दमके तन शृंगार कीन्हो

मैया जय सन्तोषी माता ।


गेरू लाल छटा छबि बदन कमल सोहे

मैया बदन कमल सोहे

मंद हँसत करुणामयि त्रिभुवन मन मोहे

मैया जय सन्तोषी माता ।


स्वर्ण सिंहासन बैठी चँवर डुले प्यारे

मैया चँवर डुले प्यारे

धूप दीप मधु मेवा, भोज धरे न्यारे

मैया जय सन्तोषी माता ।


गुड़ और चना परम प्रिय ता में संतोष कियो

मैया ता में सन्तोष कियो

संतोषी कहलाई भक्तन विभव दियो

मैया जय सन्तोषी माता ।


शुक्रवार प्रिय मानत आज दिवस सो ही,

मैया आज दिवस सो ही

भक्त मंडली छाई कथा सुनत मो ही

मैया जय सन्तोषी माता ।


मंदिर जग मग ज्योति मंगल ध्वनि छाई

मैया मंगल ध्वनि छाई

बिनय करें हम सेवक चरनन सिर नाई

मैया जय सन्तोषी माता ।


भक्ति भावमय पूजा अंगीकृत कीजै

मैया अंगीकृत कीजै

जो मन बसे हमारे इच्छित फल दीजै

मैया जय सन्तोषी माता ।


दुखी दरिद्री रोगी संकट मुक्त किये

मैया संकट मुक्त किये

बहु धन धान्य भरे घर सुख सौभाग्य दिये

मैया जय सन्तोषी माता ।


ध्यान धरे जो तेरा वाँछित फल पायो

मनवाँछित फल पायो

पूजा कथा श्रवण कर घर आनन्द आयो

मैया जय सन्तोषी माता ।


चरण गहे की लज्जा रखियो जगदम्बे

मैया रखियो जगदम्बे

संकट तू ही निवारे दयामयी अम्बे

मैया जय सन्तोषी माता ।


सन्तोषी माता की आरती जो कोई जन गावे

मैया जो कोई जन गावे

ऋद्धि सिद्धि सुख सम्पति जी भर के पावे

मैया जय सन्तोषी माता ।



Santoshi Mata ki Aarti in English


Jai Santoshi Mata Lyrics – Santhoshi Maa Aarti Lyrics

Jai Santoshi Mata, Maiya Jay Santoshi Mata,

Apane Sevak Jan Ko,Sukh Sampati Data.

Jai Santoshi Mata


Sundar Chir Sunahari Ma Dharan Kinho,

Hira Panna Damake,Tan Shringar Linho.

Jai Santoshi Mata


Geru Laal Chata Chavi,Badan Kamal Sohe,

Mand Hansat Karunamayi Tribhuvan Jan Mohe.

Jai Santoshi Mata


Svarn Sinhasan Baithi,Chanvar Dhure Pyare ,

Dhup,Dip,Madhumeva,Bhog Dhare Nyare.

Jai Santoshi Mata


Gud Aur Chana Paramapriy,Tame Santosh Kiyo.

Santoshi Kahalai,Bhaktan Vaibhav Diyo.

Jai Santoshi Mata


Shukravar Priy Manat,Aj Divas Sohi .

Bhakt Mandali Chai,Katha Sunat Mohi.

Jai Santoshi Mata


Vinay Jagamag Jyoti, Mangal Dhvani Chai .

Vinay Kare Ham Baalak, Charanan Sir Nai.

Jai Santoshi Mata


Bhakti Bhavamay Puja, Angikrut Kijai .

Jo Man Base Hamare,Ichha Fal Dijai.

Jai Santoshi Mata


Dukhi, Daridri, Rogi, Sankatamukt Kie,

Bahu Dhan-Dhany Bhare Ghar, Sukh Saubhagy Diye.

Jai Santoshi Mata


Dhyan Dharyo Jis Jan Ne, Manavanchit Fal Payo.

Puja Katha Shravan Kar, Ghar Aanand Ayo.

Jai Santoshi Mata


Sharan Gahe Ki Lajja, Rakhiyo Jagadambe,

Sankat Tu Hi Nivare, Dayamayi Ambe.

Jai Santoshi Mata


Santoshi Ma Ki Arati Jo Koi Nar Gaave,

Riddhi-Siddhi Sukh Sampati, Ji Bharakar Pave.

Jai Santoshi Mata…

Jai Santoshi Mata Aarti (Arti) is the Hindi devotional bhajan song dedicated to Maa Santhoshi, another form of Goddess Shakti

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vinita shukla के द्वारा
April 8, 2011

जय हो माँ संतोषी.


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