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Hanuman Ji ki Arti – हनुमान जी की आरती

Posted On: 15 Mar, 2011 Others में

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भक्ति और शक्ति के देवता हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन होता है मंगलवार. पुराणों में बताया गया है कि मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से ऋद्धि सिद्धि मिलती है, बल और ऊर्जा का संचार बना रहता है और उन पर सिंदूर चढ़ाने से पति की लंबी उम्र प्राप्त होती है. हनुमान जी इस धरती पर अजर और अमर हैं. हर दिन हर पल अपने भक्तों के प्राण हैं. राम भक्त हनुमान की लीला एवं शक्ति अपरम्पार है. हनुमान जी ऐसे देवता हैं जिनको यह वरदान प्राप्त है कि जो भी भक्त हनुमान जी की शरण में आएगा उसका कलियुग कुछ भी नहीं बिगाड़ पाएगा.


हनुमान जी के पिता का नाम “केसरी” और माता का नाम “अंजनि” था. इसलिए लोग उन्हें केसरी नंदन और अंजनि पुत्र के नाम से भी जानते हैं. आप भी हनुमान जी की आरती का पाठ कीजिए और भक्त हनुमान की भक्ति में खो जाइए:


श्री हनुमान जी की आरती


आरती कीजै हनुमान लला की ।

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥


जाके बल से गिरिवर काँपे, रोग दोष जाके निकट न झाँके।

अंजनि पुत्र महा बलदायी, संतन के प्रभु सदा सहायी॥ आरती कीजै हनुमान लला की ।


दे बीड़ा रघुनाथ पठाये, लंका जाय सिया सुधि लाये ।

लंका सौ कोटि समुद्र सी खाई, जात पवनसुत बार न लाई ॥ आरति कीजै हनुमान लला की ।


लंका जारि असुर संघारे, सिया रामजी के काज संवारे ।

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे, आन संजीवन प्राण उबारे ॥ आरती कीजै हनुमान लला की ।


पैठि पाताल तोड़ि यम कारे, अहिरावन की भुजा उखारे ।

बाँये भुजा असुरदल मारे, दाहिने भुजा संत जन तारे ॥ आरति कीजै हनुमान लला की ।


सुर नर मुनि जन आरति उतारे, जय जय जय हनुमान उचारे ।

कंचन थार कपूर लौ छाई, आरती करती अंजना माई ॥ आरती कीजै हनुमान लला की ।


जो हनुमान जी की आरति गावे, बसि वैकुण्ठ परम पद पावे ।

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥


Hanuman Aarti Lyrics in English


Aarti Ke Jai Hanuman Lalaki.

Dusht dalan Raghunath kalaki.


Jaakay bal say giriwar kaapay,

Roog doosh jakay nikat na jhankay.


Anjani putra maha balli daayee,

Santan kay prabhu sada sahaye.


Day beeraa Raghunath pataway,

Lanka jaaree seeya soodi laayee


Lanka so koti Samundra Seekhaayee,

Jaat pawansut baran layee


Lanka Jaari Asur Sanghaaray,

Seeya Ramjee kay kaaj sawaray.


Lakshman moor chet paray Sakaaray,

Aani Sajeewan praan ubaaray


Paitee pataal toori jam kaaray,

Ahi Ravana kee bujaa ukhaaray


Baayay bujaa asur dhal maaray,

Dahinay bujaa sant jam taray.


Sur nar Muni arati utaray,

Jai jai jai Hanuman ucharaay


Kanchan thaar Kapoor loo chaayee,

Aaaarati karat Anjani maayee


Jo Hanuman kee Aaarati gaaway,

Basee Baikoontha param pad paaway.


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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

parveen sharma के द्वारा
March 16, 2011

ऐसे वक्त में जब ब्लोगर्स ज्यादा से ज्यादा प्रतिक्रिया पाने के लिए अन्य विषयों पर लिख रहे हैं…ऐसे में आप का ब्लोग्गर्स को शनि और हनुमान की महिमा से अवगत कराना एक सराहनीय काम है….एकदम लीक से हटकर….लगे रहो.




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